नई दिल्ली / मुंबई:
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo ने DGCA (Directorate General of Civil Aviation) के विंटर ऑपरेशनल कर्ब्स के चलते देशभर के विभिन्न घरेलू हवाईअड्डों पर 717 टेक-ऑफ और लैंडिंग स्लॉट्स खाली किए हैं। यह कदम दिसंबर में हुए ऑपरेशनल व्यवधानों और नियामकीय निर्देशों के बाद उठाया गया है।
DGCA द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, एयरलाइनों को सर्दियों के मौसम में फ्लाइट शेड्यूल और ऑपरेशनल स्थिरता बनाए रखने के लिए सीमित स्लॉट्स संचालित करने को कहा गया था। इसी क्रम में IndiGo ने अपने विंटर शेड्यूल में कटौती की।
किन शहरों पर पड़ा असर
सूत्रों के मुताबिक, खाली किए गए स्लॉट्स का सबसे अधिक असर दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे मेट्रो एयरपोर्ट्स पर पड़ा है। हैदराबाद और बेंगलुरु से जुड़े रूट्स में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
DGCA की सख्ती
DGCA ने दिसंबर में एयरलाइंस को यह निर्देश दिया था कि वे:
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आखिरी समय पर फ्लाइट कैंसलेशन रोकें
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ऑपरेशनल स्थिरता सुनिश्चित करें
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क्रू मैनेजमेंट और फ्लाइट प्लानिंग को बेहतर करें
रिपोर्ट के अनुसार, DGCA ने दिसंबर से जनवरी के बीच लगभग ₹220 करोड़ तक के नुकसान की ओर भी इशारा किया है, जो यात्रियों और एयरलाइन दोनों को प्रभावित करता है।
आगे क्या होगा?
सरकारी प्रस्ताव के अनुसार, खाली किए गए स्लॉट्स को अन्य एयरलाइंस को अस्थायी रूप से आवंटित किया जा सकता है, ताकि नेटवर्क डिसरप्शन को कम किया जा सके। हालांकि, इन स्लॉट्स के स्थायी पुनर्वितरण पर अंतिम फैसला नियामकीय समीक्षा के बाद लिया जाएगा।
एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि विंटर सीज़न के दौरान विज़िबिलिटी, एयर ट्रैफिक कंजेशन और ग्राउंड हैंडलिंग क्षमता जैसी चुनौतियाँ ऑपरेशनल दबाव बढ़ाती हैं।
✍️ ABRNEWS247 Clarification
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यह रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और नियामकीय बयानों पर आधारित है।
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ABRNEWS247 किसी एयरलाइन के विरुद्ध आरोप या निष्कर्ष नहीं निकालता।
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सभी निर्णय DGCA और संबंधित प्राधिकरणों की समीक्षा पर निर्भर हैं।
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